अभियान की अवधारणा

गॉव हमारे देश के समग्र चिंतन के केन्द्र में रहे है। “भारत गॉवों में बसता है“ और “भारत एक ग्राम प्रधान देश है“ सदैव ही यह वाक्य देश में ग्रामीण क्षेत्र की महत्ता प्रकट करते रहे हैं। देश के सर्वांगीण विकास में ग्रामीण क्षेत्र की भूमिका को प्रमुखता से स्वीकार किया गया है। ग्रामीण जन जीवन के सामाजिक, आर्थिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को देश के विकास की नींव के रूप के देखा जाकर ग्रामों के कायाकल्प को देश के कायाकल्प के प्रमुख आधार के रूप में मान्य किया जाकर इस दिशा में स्वतंत्रता के बाद से ही निरंतर प्रयास किये गये है।

भारत सरकार के द्वारा दिनांक 14 अप्रैल 2016 से दिनांक 24 अप्रैल 2016 तक “ग्राम उदय से भारत उदय“ अभियान संचालित करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक सौहार्द/समरसता को बढ़ावा देने, पंचायतराज प्रणाली को मजबूत बनाने, ग्राम विकास को बढ़ावा देने एवं किसानों का कल्याण पोषण करने एवं ग्राम पंचायत विकास योजना मे लोगो की सहभागिता प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा उक्त अभियान को और अधिक विस्तारित करते हुऐ दिनांक 14 अप्रैल 2016 से दिनांक 31 मई 2016 तक नियत कर इस अभियान में अंत्योदय, सुशासन , सेवाओं की समयबद्व अदायगी सुनश्चिित करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

डॉ. अम्बेडकर जयंती पर प्रत्येक ग्राम सभा में आयोजन के साथ मध्य प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में “ग्राम संसद“ का आयोजन किया जाएगा। ग्रामीणजन इस कार्यक्रम में अभियान अवधि में प्रचलित शासकीय कार्यक्रमों एवं योजनाओें की प्रभाविकता पर चर्चा करेंगे एवं सुझाव देंगे । ग्राम विशेष की आवश्यकताओं तथा संसाधनों का अंाकलन कर ग्राम पंचायत के विकास का रोड मेप (ग्राम पंचायत विकास योजना, ळच्क्च्) का निर्माण किया जाएगा। विकास के इसी रोड मेप के आधार पर आगामी वर्षो में ग्राम पंचायतों में विकास गतिविधियॉ संचालित की जाएंगी।

अंत्योदय के उद्देश्य से नियमित रूप से संचालित की जाने वाले समस्त कार्यक्रमों एवं योजनाओं के संबंध मेे अभियान अवधि में ग्राम सभा के समक्ष चर्चा की जाकर पात्रतानुसार एक बार मंे ही समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहंुचाने का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु प्रयास किया जावेगा।

अभियान अवधि में कृषि से आय को दोगुना करने तथा किसान भाइयों के कल्याण पर केन्द्रित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अपेक्षा है कि “प्रत्येक किसान-प्रत्येक खेत“ चर्चा में सहभागी बनंे ताकि ग्राम एवं पंचायत की कृषि विकास योजना तैयार की जा सके। कोशिश यह की जानी हैे कि प्रचलित कृषि विकास योजनाओं तथा चिन्हित अपेक्षाओं के साथ तार्किक साम्य स्थापित होकर “अधिकतम कृषकों को - अधिकतम लाभ“ सुनिश्चिित हो सके।

ग्रामसभाओं एवं ग्राम संसद का सफल आयोजन हमारी पंचायत व्यवस्था के सतत सुदृढीकरण के लिये भी मील का पत्थर सिद्व होगा तथा ग्राम पंचायतें स्थानीय सरकार के रूप में स्थापित हो सकेंगी। ग्राम के विकास के संबंध में सहभागितापूर्वक लिये गये निर्णय से उनका स्वैच्छिक पालन सुनिश्चिित हो सकेगा। अभियान की सफलता जन सहभागिता पर निर्भर है इसलिये अभियान में क्रियान्वयन के प्रत्येक स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा आम जन की सहभागिता सुनिश्चिित की जाएगी। प्रत्यक्ष सहभागिता के लिये ग्राम सभाओं का सफल आयोजन अभियान अवधि में किया जाएगा। ग्राम सभाओं में आमजन की उपस्थिति सुनिश्चिित करने के लिये इस प्रकार का वातावरण निर्मित किया जाएगा कि, प्रत्येक ग्रामीण स्वेच्छा से ग्राम सभाओं के समक्ष अपनी बात रखने के लिये स्वतः उपस्थित हो। जनसहभागिता के साथ अभियान अवधि में जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वसहायता समूह तथा सिविल सोसायटी की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जायेगी। महिला सशक्तिकरण हेतु प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। विकास में महिलाओं की सहभागिता आवश्यक है, इसके लिये महिला सभाओं का आयोजन भी किया जायेगा। हमारे सहभागितापूर्ण प्रयासों से सामाजिक समरसता की भावना भी पुष्ट होगी।

इस प्रकार यह अभियान जनता का, जनता के लिये, जनता द्वारा चलाया जा रहा अभियान है। प्रशासकीय अमले की भूमिका क्षमता संवर्धन, सुविधादाता एवं पर्यवेक्षणकर्ता के रूप में होगी। अभियान के परिणामों का आकलन तथ्यात्मक एवं प्रभाविकता दोनों रूप से किया जाएगा।

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